अगर आप अपने दर्द, उदासी और तन्हाई को अपने किसी खास के साथ में शेयर करना चाहते हैं, तो Alone Shayari in Hindi आपके लिए सबसे बेहतरीन तरीका है। यहाँ हम आपके लिए लाए हैं Alone Shayari in Hindi में, ये शायरियां आपके अकेलेपन को और भी गहराई से महसूस करवाएंगी और आपके दिल की बात लोगों तक पहुंचाएंगी।
इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं सबसे बेस्ट, इमोशनल और दिल को छू लेने वाली Alone Shayari in Hindi, Sad Alone Shayari, Alone Shayari 2 Lines और Feeling Alone Shayari, जिसे आप WhatsApp Status, Facebook Post, या Instagram Caption के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
Alone Shayari in Hindi

हम अंजुमन में सबकी तरफ देखते रहे,
अपनी तरह से कोई हमें अकेला नहीं मिला..!

ख्वाब बोये थे और अकेलापन काटा है,
इस मोहब्बत में यारों बहुत घाटा है..!

आता नहीं है जीना उस नादान के बगैर,
काश उस शख्स ने मरना भी सिखाया होता..!

वो भी बहुत अकेला है शायद मेरी तरह,
उस को भी कोई चाहने वाला नहीं मिला..!

शाम से आँख में नमी सी है,
आज फिर आप की कमी सी है..!

तू उदास मत हुआ कर इन हजारो के बीच,
आखिर चाँद भी अकेला रहता है सितारों के बिच..!

उसे पाना उसे खोना उसी के हिज्र में रोना,
यही गर इश्क है तो हम तन्हा ही अच्छे हैं..!

तेरे साथ होने तक ही महसूस हुई जिंदगी,
न तेरे आने से पहले न तेरे जाने के बाद..!
Alone Shayari 2 Lines

मेरी तन्हाई को मेरा शौक न समझना,
बहुत प्यार से दिया है ये तोहफा किसी ने..!

तुम से बिछड़ के कुछ यूँ वक़्त गुज़ारा,
कभी ज़िंदगी को तरसे कभी मौत को पुकारा..!

कैद में इतना ज़माना हो गया,
अब कफस भी आशियाना हो गया..!

कितनी फ़िक्र है कुदरत को मेरी तन्हाई की,
जागते रहते हैं रात भर सितारे मेरे लिए..!

एक लहजा नहीं करार जी को,
मौत आये बस ऐसी जिंदगी को..!

एक रात क्या गुजरी तेरी तन्हाई में,
गुजर गयी हजारों बारिशें आँखों से..!

मेरा और उस चाँद का मुकद्दर एक जैसा है,
वो तारों में तन्हा है और मैं हजारों में तन्हा..!

जिंदगी में इन्सान उस वक्त टूट जाता है,
जब सब कुछ पास होकर भी वह अकेला रह जाता है..!
Sad Alone Shayari in Hindi

मेरी है वो मिसाल कि जैसे कोई दरख़्त,
चुप-चाप आँधियों में भी तन्हा खड़ा हुआ..!

कैसे दिन आये कि तेरा ज़िक्र फ़साना हुआ है,
ऐसे लगता है तुझे देखे ज़माना हुआ है..!

तुम्हारे बगैर ये वक़्त ये दिन और ये रात,
गुजर तो जाते हैं मगर गुजारे नहीं जाते..!

अकेले आने और अकेले जाने के बिच,
अकेले जीना सीखना ही जिंदगी है..!

रोते हैं तनहा देख कर मुझको वो रास्ते,
जिन पे तेरे बग़ैर मैं गुजरा कभी न था..!

हर वक़्त का हंसना तुझे बर्बाद ना कर दे,
तन्हाई के लम्हों में कभी रो भी लिया कर..!

कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हजारों लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है..!

कुछ लोग जमाने में ऐसे भी तो होते हैं,
महफिल में तो हंसते हैं तन्हाई में रोते हैं..!
Alone Shayari Boy

ऐ शम्मा तुझपे ये रात भारी है जिस तरह,
हमने तमाम उम्र गुजारी है उस तरह..!

तू नहीं तो ये नजारा भी बुरा लगता है,
चाँद के पास सितारा भी बुरा लगता है,
ला के जिस रोज छोड़ा है तूने भंवर में मुझे,
मुझे दरिया का किनारा भी बुरा लगता है..!

तन्हाई कि रात कट ही जाएगी
इतने भी हम मजबूर नहीं,
दोहरा कर तेरी बातों को कभी हँस लेंगे कभी रो लेंगे..!

जब महफ़िल में भी तन्हाई पास हो,
रोशनी में भी अँधेरे का एहसास हो,
तब किसी खास की याद में मुस्कुरा दो,
शायद वो भी आपके इंतजार में उदास हो..!

कभी जब गौर से देखोगे तो इतना जान जाओगे,
कि तुम्हारे बिन हर लम्हा हमारी जान लेता है..!

एक तेरे ना होने से बदल जाता है सब कुछ
कल धूप भी दीवार पे पूरी नहीं उतरी..!

कमाल का ताना देती है ये दुनिया मुझे,
अगर वो तेरा है तो तेरे पास क्यों नहीं..!

जगमगाते शहर की रानाइयों में क्या न था,
ढूँढ़ने निकला था जिसको बस वही चेहरा न था,
हम वही, तुम भी वही, मौसम वही, मंज़र वही,
फ़ासले बढ़ जायेंगे इतने मैंने कभी सोचा न था..!
Alone Shayari Girl
एक उम्र है जो तेरे बगैर गुजारनी है,
और एक लम्हा भी तेरे बगैर गुजरता नहीं..!
कुछ कर गुजरने की चाह में कहाँ-कहाँ से गुजरे,
अकेले ही नजर आये हम जहाँ-जहाँ से गुजरे..!
मीठी सी खुशबू में रहते हैं गुमसुम,
अपने अहसास से बाँट लो तन्हाई मेरी..!
सहारा लेना ही पड़ता है मुझको दरिया का,
मैं एक कतरा हूँ तनहा तो बह नहीं सकता..!
तुम क्या गए कि वक़्त का अहसास मर गया,
रातों को जागते रहे और दिन को सो गए..!
ये भी शायद ज़िंदगी की इक अदा है दोस्तों,
जिसको कोई मिल गया वो और तन्हा हो गया..!
वो हर बार मुझे छोड़ के चले जाते हैं तन्हा,
मैं मज़बूत बहुत हूँ लेकिन कोई पत्थर तो नहीं हूँ..!
तन्हाईयाँ कुछ इस तरह से डसने लगी मुझे,
मैं आज अपने पैरों की आहट से डर गया..!
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