अगर आपका दिल टूट गया है या कोई अपना दूर चला गया है, और आप अपने दर्द को Dard Bhari Shayari की मदद से कहना चाहते हैं, तो यह Dard Bhari Shayari का कलेक्शन खास आपके लिए हैं। इस पोस्ट में हम लाए हैं आपके लिए सबसे इमोशनल और दिल टूट सबसे दर्द भरी शायरी, जो आपकी तन्हाई, टूटे दिल और अधूरी मोहब्बत की भावनाओं को सही तरीके से सामने लाने में मदद करती है।
चाहे आप किसी को याद कर रहे हों, किसी की बेवफाई से टूटे हों या अपनी फीलिंग्स को किसी तक पहुँचाना चाहते हों, यहाँ आपको मिलेंगी Dard Bhari Shayari Hindi, Zindagi Ki Dard Bhari Shayari, Pyar Me Dard Bhari Shayari in Hindi, और Dard Bhari Status, जिन्हें आप WhatsApp, Instagram, या Facebook पर शेयर कर सकते हैं।
Dard Bhari Shayari

दर्द सहने की इतनी आदत सी हो गई है,
कि अब दर्द ना मिले तो बहुत दर्द होता है..!

तुम न कर सकोगे मेरे दिल के दर्द का इलाज़,
ज़ख्म को नासूर हुए मुद्दतें गुजर गयीं..!

मुझसे ऐ आईने मेरी बेकरारियाँ न पूछ,
टूट जाएगा तू भी मेरी खामोशियाँ सुन के..!

आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की,
हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की..!

मंजिलों से बेगाना आज भी सफ़र मेरा,
है रात बेसहर मेरी दर्द बेअसर मेरा..!

वो मेरी ग़ज़ल पढ़ कर पहलू बदल के बोले,
कोई छीने क़लम इनसे ये तो जान ले चले हैं..!

दर्द कब मोहताज़ होता है लफ्जों का,
दो बूंद आँसू चाहिए बयाँ करने के लिये..!

अब तो हाथों से लकीरें भी मिटी जाती हैं,
उसे खोकर मेरे पास रहा कुछ भी नहीं..!
दिल टूट सबसे दर्द भरी शायरी

लफ्ज़-ए-तसल्ली तो बस एक तकल्लुफ है,
जिसका दर्द उसका दर्द बाकी सब अफ़साने..!

हक़ीक़त जान लो जुदा होने से पहले,
मेरी सुन लो अपनी सुनाने से पहले,
ये सोच लेना भुलाने से पहले,
बहुत रोयी हैं ये आँखें मुस्कुराने से पहले..!

कैसी गुजर रही है सभी पूछते तो हैं,
कैसे गुजारता हूँ कोई पूछता नहीं..!

हमें देख कर जब उसने मुँह मोड़ लिया,
एक तसल्ली हो गयी चलो पहचानते तो हैं..!

सुना भी कुछ नही, कहा भी कुछ नही,
पर ऐसे बिखरे हैं जिंदगी की कश्मकश में,
कि टूटा भी कुछ नही और बचा भी कुछ नही..!

दर्द हमारा फैला पड़ा था कागज पर,
जो समझा रो दिया जो न समझा मुस्कुरा दिया..!

अंदाजा लगा लेते हैं सब दर्द का मेरे,
हँसते हुए चेहरे का नुकसान यही है..!

रात को जब चाँद सितारे चमकते हैं,
हम हरदम फिर तेरी याद में तड़पते हैं,
आप तो चले गए हो छोड़कर हम को,
मगर हम मिलने को तरसते है..!
जिंदगी की दर्द भरी शायरी 2 Line

एक फ़साना सुन गए एक कह गए,
मैं जो रोया तो मुस्कुराकर रह गए..!

मेरी फितरत ही कुछ ऐसी है कि,
दर्द सहने का लुत्फ़ उठाता हूँ मैं..!

दुरुस्त कर ही लिया मैंने नजरिया अपना,
कि दर्द न हो तो मोहब्बत मजाक लगती है..!

झूठी हँसी से जख्म और बढ़ता गया,
इससे बेहतर था खुलकर रो लिए होते..!

अब ये न पूछना की ये अल्फ़ाज़ कहाँ से लाती हूँ,
कुछ चुराती हूँ दर्द दूसरों के कुछ अपने सुनाती हूँ..!

ज़हर देता है कोई, कोई दवा देता है,
जो भी मिलता है मेरा दर्द बढ़ा देता है..!

ग़म सलीके में थे जब तक हम खामोश थे,
जरा जुबान क्या खुली दर्द बे-अदब हो गए..!

दर्द हमने संभाला है हमने आँसू बहाए हैं,
बेशक वजह तुम थे पर दिल तो हमारा था..!
रिश्तों की दर्द भरी शायरी

छिपा कर दर्द अपनी हंसी में,
मै अंदर से खोखला हो रहा हूं,
क्या सुन सकता है तू मेरी आवाज़,
मै आज भी सिर्फ तेरे लिए रो रहा हूँ..!

शीशा तो टूट कर, अपनी कशिश बता देता है,
दर्द तो उस पत्थर का है, जो टूटने के काबिल भी नहीं..!

जब आख़िरी मुलाकात हो तो हंस कर देख लेना मुझे,
क्या पता अगली बार तुम हमें कफन में देखो,
और मुस्कुरा भी ना पाओ..!

दर्द कितना है बता नहीं सकते,
ज़ख़्म कितने हैं दिखा नहीं सकते,
आँखों से समझ सको तो समझ लो,
आँसू गिरे हैं कितने गिना नहीं सकते..!

कौन कहता है नफ़रतों में दर्द है मोहसिन,
कुछ मोहब्बतें भी बड़ी दर्द नाक होती है..!

रहा न दिल में वो बेदर्द और दर्द रहा,
मुक़ीम कौन हुआ है मुक़ाम किसका था..!
कोई रास्ता नही दुआ के सिवा,
कोई सुनता नही खुदा के सिवा,
मैने भी ज़िंदगी को करीब से देखा है मेरे दोस्त,
मुस्किल मे कोई साथ नही देता आँसू के सिवा..!
किस दर्द को लिखते हो इतना डूब कर,
एक नया दर्द दे दिया है उसने ये पूछकर..!
छोड़कर जाने वाली दर्द भरी शायरी
रोने की सजा है न ये रुलाने की सजा है,
ये दर्द मोहब्बत को निभाने की सजा है,
हँसती हुई आँखों में आ जाते हैं आँसू,
ये उस शख्स से दिल लगाने की सजा है..!
मुझको ढूँढ़ लेता है हर रोज़ नए बहाने से,
दर्द हो गया है वाकिफ मेरे हर ठिकाने से..!
रोज़ उदास होते है हम,
और रात गुजर जाती है,
कहने को तो जी रहे है लेकिन,
हर पल हर लम्हा सांस निकलती जाती है..!
हर पल यही सोचता रहा,
के कहा कमी रह गयी थी मेरी चाहत में,
उसने इतनी शिदत्त से मेरा दिल तोड़ा,
के आज तक नहीं संभल पाए..!
न जाने क्यों हमें आँसू बहाना नहीं आता,
न जाने क्यों हाल-ऐ-दिल बताना नहीं आता,
क्यों सब दोस्त बिछड़ गए हमसे,
शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता..!
मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ,
कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है..!
अनजान अगर हो तो गुजर क्यूँ नहीं जाते,
पहचान रहे हो तो ठहर क्यूँ नहीं जाते..!
मेरा ख़याल ज़ेहन से मिटा भी न सकोगे,
एक बार जो तुम मेरे गम से मिलोगे,
तो सारी उम्र मुस्करा न सकोगे..!
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