80+ Best Sharab Shayari in Hindi | शराब शायरी दो लाइन

अगर आप भी अपने दर्द, मोहब्बत या तन्हाई को Sharab Shayari in Hindi के मदद से कहना चाहते हैं, यह खास Sharab Shayari in Hindi आपके लिए बिलकुल सही हैं।इस पोस्ट में हम लाए हैं आपके लिए सबसे बेहतरीन, गहरी और इमोशनल शराब शायरी, जो दिल से निकले जज़्बातों को छूती है।

चाहे आप मोहब्बत में मिले धोखे को भुला रहे हों, या अकेलेपन में किसी की याद में डूबे हों, यहाँ आपको मिलेंगी Sharab Aur Mohabbat Shayari, Tanhai Mein Sharab Shayari, और Emotional Sharabi Shayari in Hindi, जिन्हें आप WhatsApp, Instagram या Facebook पर स्टेटस के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

Sharab Shayari in Hindi

Sharab Shayari in Hindi

शराब ज़्यादा नहीं बस एक ज़ाम चाहिए,
आज की पूरी शाम बस दोस्तों के नाम चाहिए..!

Sharab Shayari in Hindi

मेरी हर एक समस्या का एक ही जबाव हो,
पास में तुम हो या 1 बोतल शराब हो..!

Sharab Shayari in Hindi

तोहफे में मत गुलाब लेकर आना,
मेरी क़ब्र पर मत चिराग लेकर आना,
बहुत प्यासा हूँ बरसों से मैं,
जब भी आना शराब लेकर आना..!

Sharab Shayari in Hindi

मतलब नहीं कि कितना छोटा ग्लास है,
हमें क्या मतलब समुंदर से,
जब सिर्फ 1 घूंट हमारी प्यास है..!

Sharab Shayari in Hindi

आख़िर क्यों न हो जाऊँ मे बेवफ़ा,
सिखाया तूने ही है नशे में डूब जाना,
और दुनिया को भूल जाना..!

Sharab Shayari in Hindi

एक पल में ले गई मेरे सारे ग़म खरीद कर,
कितनी अमीर होती है ये बोतल शराब की..!

Sharab Shayari in Hindi

इश्क़ के नशे में ये मुकाम आये,
जब भी बात शराबियों की हो पहले मेरा नाम आये..!

Sharab Shayari in Hindi

बोतल खाली तो दिल भी खाली,
और बोतल भरी तो जिंदगी भी मस्त..!

शराब शायरी दो लाइन

शराब शायरी दो लाइन

शराब के जाम में डूब कर मिला मुझे सुकून,
वरना ये दिल तो तेरे बिन हमेशा बेचैन रहता है..!

शराब शायरी दो लाइन

जो कहते हैं शराब जिंदगी खराब करती है
उन्होंने हमारी जिंदगी का मजा देखा नहीं..!

शराब शायरी दो लाइन

तू डालता जा साकी शराब मेरे प्यालों में,
वो फिर से आने लगी है मेरे ख्यालों में..!

शराब शायरी दो लाइन

महफ़िल में बैठे थे हम धीरे से एक सलाम आया,
मेरा बिछड़ा हुआ एक दोस्त आज जाम लाया..!

शराब शायरी दो लाइन

हवा में भी नशा छा जाता है,
जब मैं अपनी महफिल जमाता हूँ..!

शराब शायरी दो लाइन

इश्क़ के समुन्दर में आज इस कदर डूब कर आया हूँ,
ऐ दोस्तों मैं शराब की 4 बोतल खरीद कर लाया हूँ..!

शराब शायरी दो लाइन

जब से आदत पड़ गयी मुझे पीने की,
तब आग बुझी मेरे सीने की..!

शराब शायरी दो लाइन

शराबी वो नहीं जो पीता है,
शराबी वो है जो पीकर भी जीता है..!

Sharab Shayari Hindi Love

Sharab Shayari Hindi Love

होठों पर शायरी, और हाथो में जाम है,
तुम अपनी फिक्र करो यारो, हम तो पहले से बदनाम है..!

Sharab Shayari Hindi Love

मैं तोड़ लेता अगर वो गुलाब होती,
मैं जवाब बनता अगर वो सवाल होती,
सब जानते हैं मैं नशा नहीं करता,
फिर भी पी लेता अगर वो शराब होती..!

Sharab Shayari Hindi Love

मत कर हंगामा पीकर हमारी गली में,
हम तो खुद बदनाम है तेरी मोहब्बत के नशे में..!

Sharab Shayari Hindi Love

यार की महफिल में हम जाकर उलझ गए,
पी लेते तो ईमान जाता, ना पीते तो यार जाता..!

शराब ही तो पी रहे थे हम,
इसलिए खुल्के जी रहे थे हम..!

शराब की वो पहली बूंद, जैसे तेरा पहला प्यार,
दोनों में एक्क ही खुमारी, दोनों में एक्क ही इंतजार..!

थोड़ी सी पी शराब ने उछाल दी,
कुछ इस तरह से हमने जवानी निकाली..!

तेरी यादों की गर्मी में भीगती यह शराब,
हर घूंट के बाद तेरा ही नाम लबों पर आता है..!

शराबी शायरी दर्द भरी

तौहीन न करना कभी कह कर कड़वा शराब को,
किसी ग़मजदा से पूछो इसमें कितनी मिठास है..!

बारिश का मौसम था,
साथ में तुम और हसीन वो शाम थी,
होश आया तो देखा हाथ में तो सिर्फ खाली जाम थी..!

दुनियां में सुखी वही होता है,
जो शाम को पेग मार के सोता है..!

पीते थे शराब हम उसने छुड़ाई अपनी कसम देकर,
महफ़िल में यारों ने पिलाई उसी की कसम देकर..!

शराब की महफ़िल में तेरी कमी खलती है,
वरना हर जाम ने मुझे तेरे करीब कर लिया..!

किस्मत खराब है हममें खराबी थोड़ी है,
पीते हैं उसे भुलाने के लिए शराबी थोड़ी हैं..!

हर ठेके के पास अब तेरी ही कमी खलती हैं,
शराबियों की महफ़िल से तो दुनिया भी जलती है..!

तू होश में थी फिर भी हमें पहचान न पायी,
एक हम हैं कि पी कर भी तेरा नाम लेते रहे..!

आशिक शराबी शायरी

थोड़ी सी पी शराब थोड़ी सी उछाल दी,
कुछ इस तरह से हमने जवानी निकाल दी..!

ये ना पूछ मैं शराबी क्यूँ हुआ,
बस यूँ समझ ले गमों के बोझ से,
नशे की बोतल सस्ती लगी..!

यूँ बिगड़ी बहकी बातों का कोई शौक़ नही है मुझको,
वो पुरानी शराब के जैसी है असर सर से उतरता ही नहीं..!

ताजगी मिज़ाज में और रंगत जैसे पिघला हुआ सोना,
यहाँ तारीफ तेरी नहीं साकी यह ज़िक्र शराब का है..!

कभी उलझ पड़े खुदा से कभी साक़ी से हंगामा,
ना नमाज अदा हो सकी ना शराब पी सके..!

ज़िन्दगी ऐसे भी जीनी किसी के बाद आई,
ना फिर शराब चढ़ी और ना उसकी याद आई..!

पीनी छोड़ तो दूं लेकिन उनका क्या करू,
जो दोस्त मेरे मिलते हैं मुझसे पीने के वास्ते..!

कोई हमदम नही होगा अगर रुसवा करोगे,
शराब छोड़ने के बाद भी तुम क्या करोगे..!

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